170 साल पुराने हिमालय के छिपे दृश्य, अब प्रदर्शनी में

IIC-Inaugration

नई दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (एनेक्सी, 40 मैक्स मूलर मार्ग) में 22 से 29 अप्रैल 2026 तक “Himalayan Encounters – Hidden Views from 170 Years Ago: The Schlagintweit Drawings/Images in India” शीर्षक से एक महत्वपूर्ण प्रदर्शनी आयोजित की जा रही है। यह प्रदर्शनी प्रतिदिन प्रातः 11 बजे से सायं 7 बजे तक आम दर्शकों के लिए खुली रहेगी।

इस प्रदर्शनी में 170 वर्ष पूर्व के हिमालयी परिदृश्यों, जनजीवन और सांस्कृतिक झलकियों को दर्शाने वाले दुर्लभ चित्र और रेखाचित्र प्रदर्शित किए गए हैं, जिन्हें जर्मन अन्वेषक Schlagintweit बंधुओं ने अपने अभियानों के दौरान तैयार किया था। ये चित्र उस समय की ऐतिहासिक, सामाजिक और भौगोलिक परिस्थितियों का जीवंत दस्तावेज प्रस्तुत करते हैं।

प्रदर्शनी का उद्घाटन 21 अप्रैल 2026 को सायं 5 बजे प्रतिष्ठित अतिथियों श्री एस॰ एन॰ श्रीवास्तव तथा अशोक भौमिक  द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन अंकिता ओझा ने प्रभावशाली और सुव्यवस्थित ढंग से किया।

इस अवसर पर अनेक विशिष्ट विद्वानों, कलाकारों और समाजसेवियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। प्रमुख रूप से प्रो. हरमन,
प्रो. शेखर पाठक, प्रो. प्रकाश उपाध्याय, चंदन डांगी, डॉ. कमल कर्नाटक, डॉ. हरिसुमन बिष्ट, के.सी. पांडेय, कर्नल बिपिन पांडेय, निर्मल चंद्र डंडरियाल (फिल्म Motibagh के निर्देशक), तुषार पांडे, हृदयेश जोशी, ब्रिगेडियर मिश्रा, सीमा उनियाल, सबीन जी, एन.एस. राणा, उमेश पंत, दिनेश फुलारा, खुशाल सिंह रावत, हरीश पाठक, विनीत अग्रवाल,पीतांबरी पाल बंपा तथा नीति-माणा घाटी से तुली राणा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

प्रदर्शनी में प्रदर्शित रेखाचित्रों के माध्यम से उस दौर की झलक मिलती है जब आधुनिक फोटोग्राफी और तकनीकी साधनों का विकास प्रारंभिक अवस्था में था। इन चित्रों में हिमालय के प्राकृतिक सौंदर्य, स्थानीय समुदायों के जीवन, पारंपरिक वेशभूषा और भौगोलिक विशेषताओं को अत्यंत सूक्ष्मता और कलात्मक दृष्टि से उकेरा गया है। यह संग्रह पहली बार भारत में व्यापक रूप से प्रदर्शित किया जा रहा है, जिससे दर्शकों को ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण सामग्री देखने का अवसर मिल रहा है।

कार्यक्रम को उपस्थित अतिथियों और दर्शकों ने सराहा तथा इसे एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक पहल बताया। यह प्रदर्शनी न केवल इतिहास और कला के संगम को प्रस्तुत करती है, बल्कि हिमालयी विरासत के संरक्षण और उसके प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी प्रभावी माध्यम है।

विशेष संवाद सत्र (22 अप्रैल 2026)
प्रदर्शनी के अंतर्गत 22 अप्रैल 2026 को सायं 5:30 बजे इंडिया इंटरनेशनल सेंटर , एनेक्सी के लेक्चर रूम नंबर 2 में “Conversations on Schlagintweit Drawings” विषय पर एक विशेष संवाद सत्र आयोजित किया जाएगा।

इस सत्र की अध्यक्षता प्रसिद्ध कवि, आलोचक एवं संपादक अशोक वाजपेयी करेंगे। कार्यक्रम में प्रो. हरमन (Freie Universität, Berlin) “The German Role in Himalayan Understanding with Special Reference to Schlagintweit Brothers” विषय पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे, जिसमें हिमालय के अध्ययन में जर्मन अन्वेषकों के योगदान को विस्तार से रेखांकित किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त प्रो. शेखर पाठक, संस्थापक ‘पहाड़’, “Remembering Nain Singh Rawat” विषय पर व्याख्यान देंगे और Schlagintweit बंधुओं के साथ उनके ऐतिहासिक संबंधों एवं योगदान पर प्रकाश डालेंगे।

यह प्रदर्शनी और इससे जुड़े कार्यक्रम हिमालय के इतिहास, अन्वेषण और सांस्कृतिक विरासत को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान कर रहे हैं।

इस प्रदर्शनी का कैटलॉग आप यहाँ देख सकते हैं।

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