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अस्कोट आराकोट अभियान 2024: दानपुर से नीती घाटी की ओर
बिर्थी फॉल का आकर्षण स्थानीय अर्थव्यवस्था का रूप से ले रहा है। गाँव में सामुदायिकता की भावना है। आपस में राय-मशविरा कर निर्णय लिए जाते हैं। झरना देखने…
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अस्कोट आराकोट अभियान 2024: स्रोत से संगम
इस बार के अस्कोट-आराकोट अभियान की थीम थी- स्रोत से संगम। पहले यह तय किया गया था कि, नदियों के साथ यह यात्रा, मुख्य यात्रा के बाद की…
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चित्रों में अस्कोट-आराकोट यात्रा – 1
अस्कोट-आराकोट अभियान 2024 में सम्मिलित हुए कई यात्री चित्रों के माध्यम से अपने अनुभवों को सँजोते हैं। ऐसे ही कुछ चित्र साझा किये हैं नीरज पाँगती ने जो…
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विकास की बाढ़ का खौफ बनाम लोकतंत्र के बहिष्कार की हैट्रिक
अस्कोट-आराकोट अभियान का आगाज हो गया। 45 दिन की यह पैदल या़त्रा पच्चीस मई को पांगू से शुरू हुई और 30 मई को मुनस्यारी पहुंची।
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हिमालय से हिमाकत का नतीजा हैं हिमनद झीलों का खतरा
नेशनल स्नो एंड आइस डाटा सेंटर की एक रिपोर्ट के मुताबिक हिमनद झीलें तब बनती हैं जब ग्लेशियर पीछे हटता है और पिघलता हुआ पानी ग्लेशियर द्वारा छोड़े…
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मृतप्राय नदी – महाकाली का डेथ वारंट रोकने का प्रयास
कुछ लोग कहते हैं- महाकाली के मरने की रफ्तार भागीरथी और भिलंगना से कई गुना तेज होगी। क्योंकि, यहां प्रतिरोध ना के बराबर है। इसलिए यहां प्रतिरोध की…
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ऋषिगंगा और हिमालयी ग्लेशियरों से उपजी आपदा
ऋषिगंगा नदी भी मंदाकिनी नदी की तरह ही हिमाच्छादित पर्वत और उनसे निकले ग्लेशियरों से रिसे पानी को संग्रह करते हुए नदी का स्वरूप पाती है। ऋषिगंगा के…
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रणबीर रावल – एक वैज्ञानिक का असमय जाना
रणबीर बहुत सम्वेदनशील था। नैनीताल के विद्यार्थी काल, पंत संस्थान के वैज्ञानिक और फिर निदेशक के रूप में वह हर बार नये सवालों से रूबरू होता था। मुझे…
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तिलाड़ी काण्ड – उत्तराखण्ड का जालियाँवाला बाग
तिलाड़ी काण्ड की पृष्ठभूमि वनों के सीमांकन के साथ ही बन चुकी थी जब स्थानीय ग्रामीणों को उन्हे उन्हीं के जंगलों की सीमा पर बाँध दिया गया। टिहरी…
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शेरपाओं का सागरमाथा
शेरपा, जिन्हें कि बरफीले क्षेत्रों का बाग कहा जाता है और 1920 से अब तक के ऐवरेस्ट अभियानों में जिनके 23 पुरूष दिवंगत हो चुके हैं, यहाँ के…