Askot Arakot Abhiyan Session at IIC,Delhi on 5th Jan, 15

दिनाँक  5 जनवरी 2015 को IIC दिल्ली के खचाखच भरे सभागार में एक नई ऊर्जा का संचार होता महसूस हुआ। हमारे मध्य प्रवासी पहाड़ी तो पधारे ही थे, साथ में उपस्थित हुए थे अभियान के पन्द्रह सहयात्री, शिक्षक और विद्यार्थी, वैज्ञानिक और विचारक , नियोजक तथा प्रशासक भी।  श्रोताओं में रंगकर्मी , मीडिया कर्मी, समीक्षक , शोधकर्ता , फ़िल्मकार, घुमक्कड़,  पर्यावरणविद, भूगर्वशाश्त्री  एवं अन्य विधाओं के ज्ञाता दो घंटे बड़ी टकटकी लगाए सभागार में बैठे रहे।अस्कोट आराकोट के अभियान गीत से प्रारम्भ होकर यह कार्यक्रम अभियान के चित्रोँ के स्लाईड शो पर समाप्त हुआ.

अस्कोट आराकोट अभियान की ऐसी प्रस्तुतियाँ पहाड़ तथा अन्य स्थानों में होते रहेंगे।जो लोग उस दिन इस कार्यक्रम मैं उपस्थित नहीं हो पाए वो यहां पर उस क्रार्यक्रम को पुनः देख सकते हैं. यह वीडियो आपको IIC के सौजन्य से दिखाया जा रहा है.

अभियान का यह सार संक्षेप अब दस्तावेज की  तरह उपयोग में लाया सकता है।

One response to “Askot Arakot Abhiyan Session at IIC,Delhi on 5th Jan, 15”

  1. Mohan Chandra PAndey

    Dear All, Very gald to see vedio of that kind of Programme at Delhi belong to Uttarakhand, sorry Pahar of Uttarakhand. Its my view that the Programme belong to Pahar and the Participants are also Phari, but there was no pahari feeling, touch and pride in this programme becuase the pahari feelings bust be in our language, in our gesture, in our activities and in our thinking. Ony saying that we are Pahari and we worries about the Pahar, is not the solution for the Pahar or Pahari.

    These kind of Programmes must be organised in Pahar and the asssocited Persons must feel the Problems of Pahar and do something for their Pahar.

    Don’t take my views to oppose the porgramme, but my PEEDA is that a Pahari whois capable to do for Pahar, actually nothing doing for Pahar.

    So, you are requested to do better for Pahar.

    Thanks & regards,

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